ऑटो एक्सपो 2023 से कई बड़े ब्रांड्स ने बनाई दूरी, जानिए वजह

करीब तीन साल बाद एक बार फिर ऑटो एक्सपो का आयोजन होने जा रहा है।

कोविड महामारी के कारण इस द्विवार्षिक वाहन मेले का आयोजन 2022 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

हालांकि, इस बार कुछ प्रमुख वाहन कंपनियां 'ऑटो एक्सपो' में भाग नहीं ले रही हैं।

ग्रेटर नोएडा में होने वाले ऑटो फेयर में मारुति सुजुकी, हुंडई, टाटा मोटर्स, किआ इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर और एमजी मोटर इंडिया जैसी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।

इस बार ऑटो एक्सपो 75 नए उत्पादों के लॉन्च और अनावरण के साथ पांच वैश्विक शो का गवाह बनेगा।

ऑटो एक्सपो के इस संस्करण की शुरुआत 11 और 12 जनवरी को 'प्रेस डे' के साथ होगी।

वाहन निर्माताओं के संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के एक अधिकारी ने कहा

इस बार उद्योग के प्रतिभागियों की संख्या 2020 के पिछले संस्करण की तुलना में अधिक होगी।

अधिकारी ने कहा कि विद्युतीकरण (इलेक्ट्रिक वाहन) की ओर बढ़ते रुझान के बीच इस बार वाहन मेले में बड़ी संख्या में स्टार्टअप कंपनियां हिस्सा लेंगी.

ये स्टार्टअप मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में हैं।

हालांकि, प्रदर्शनी में भाग नहीं लेने वाली कंपनियों ने शो की प्रासंगिकता का उल्लेख किया है।

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संतोष अय्यर ने कहा, “हम कई वर्षों से इस प्रदर्शनी में भाग ले रहे हैं

हमने देखा है कि मेले में आने वाले ग्राहक हमारे जैसे लक्ज़री ब्रांड में कम रुचि रखते हैं।

इस वजह से हमने मेले में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया। हम ग्राहकों के साथ बातचीत करने के और तरीके अपनाएंगे।

अय्यर ने कहा कि हम मोटर शो प्लेटफॉर्म के बजाय ग्राहक अनुभव पर अधिक निवेश करना चाहते हैं